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यूपीआई पर शुल्क का बोझ आम जनता पर:अग्नि दिव्येश चंद्राकर

मोदी सरकार की मनमानी को तानाशाही बताया:दिव्येश चंद्राकर mns24.in

(Burden of UPI mns24.in Mahasamun) :- यूपीआई पर शुल्क का बोझ किसान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव दिव्येश चंद्राकर ने एक वक्तव्य में कहा है कि, मोदी सरकार ने पहले तो देश के लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित किया, जब लोगों ने इसे अपना लिया तब सरकार ने इसे अपनी उपलब्धि भी बताया, लेकिन अब उसी यूपीआई व्यवस्था में शुल्क थोपा जा रहा है। शुल्क का यह बोझ आम जनता पर ही पड़ने वाला है। यह आम जनता को लूटने की एक और व्यवस्था है। सरकार कह रही है कि केवल ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगेगा। ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन सीधा सवाल है, अगर दुकानदार पर लागत बढ़ेगी, तो उसका असर आखिरकार बाजार में किस पर पड़ेगा? व्यापारी अपनी लागत कहीं न कहीं तो निकालेगा।

यदि किसी दुकानदार को हर बड़े डिजिटल भुगतान पर MDR देना पड़ेगा, तो उसके पास उस लागत को कीमतों में जोड़ने के अलावा क्या विकल्प बचेगा?

इसका बोझ वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के जरिए आम आदमी

पर ही पड़ेगा। जबकि आम जनता पहले ही महंगाई की मार झेल रही है।

E-20 पेट्रोल से घटते माइलेज का जिम्मेदार कौन?’:दिव्येश

सवाल है कि, सरकार के इस निर्णय, इस बदलाव का फायदा आखिर किसे होगा? क्या सरकार ने यह कदम अमेरिकी दबाव में उठाया है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि, क्योंकि भारत में यूपीआई सेवा में सबसे बड़ी हिस्सेदारी अमेरिकी कंपनियों की है। अमेरिका की उन बड़ी कार्ड कंपनियों को यूपीआई के शून्य-MDR मॉडल से प्रतिस्पर्धा की शिकायत रही है और ऐसे समय में शुल्क व्यवस्था शुरू करना गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस नेता दिव्येश चंद्राकर ने कहा है कि, कांग्रेस पार्टी देश की आम जनता के साथ खड़ी है और पार्टी ने सरकार से यह फैसला वापस लेनी की मांग की है।

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