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शाहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैयद इंसान अली रअ का सालाना उर्स

शाहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैयद इंसान अली रअ का सालाना उर्स mns24.in

(Annual Urs mns24.in Chhattisgarh) :- शहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत सैय्यद बाबा इंसान अली रअ इंतजामिया कमेटी दरगाह लुतरा शरीफ के सदर और दीगर ओहदेदारों ने आज प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को बताया कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित लुतरा शरीफ में शाहंशाहे छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैयद इंसान अली शाह का सालाना उर्स इस वर्ष 28 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक मनाया जाएगा। दरगाह कमेटी की ओर से प्रशासन की मदद से उर्स की तैयारियां की जा रही हैं।

हजरत सैय्यद मूसा शहीद रहमतुल्लाह अलैह का उर्स पाक 8-9 अप्रैल को श्रद्धा व अकीदत के साथ मनाया जाएगा

जिससे यहां पहुंचने वाले जायरीनों को किसी तरह की असुविधा ना हो। यह पांच दिवसीय सालाना उर्स 28 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा। उर्स के दौरान परचम कुशाई (झंडा फहराना), शाही संदल चादर, मजार-ए-पाक का गुस्ल, कुरान ख्वानी, नात व मनकबत और कुल की फातिहा जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दरगाह कमेटी द्वारा साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल और विश्राम की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। साथ ही, आगंतुकों के लिए सर्वधर्म सद्भाव के तहत शाकाहारी विशेष लंगर का प्रबंध होता है।

दरगाह की मुख्य विशेषताएं

सांप्रदायिक सद्भाव: लुतरा शरीफ दरगाह छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्रों में से

एक है, जहां बिना किसी भेदभाव के हर धर्म और समुदाय के लोग मन्नत मांगने आते हैं।

बाबा इंसान अली शाह: यहां हुजूर हजरत बाबा सैयद इंसान अली शाह की मजार है, जिन्हें

लोग बहुत श्रद्धा से याद करते हैं और उनकी दरगाह पर जियारत व दुआ के लिए देश-विदेश से

जायरीन पहुंचते हैं। मान्यता है कि बाबा के दरबार में हर तरह की बलाओं से निजात मिलती है।

खूबसूरत वातावरण: यह दरगाह शांत और प्राकृतिक वातावरण से घिरी

हुई है, जो आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है।

उर्स का विस्तृत दैनिक कार्यक्रम (28 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026)

इस 5 दिवसीय उर्स पाक में हर दिन विशेष धार्मिक और रूहानी रस्में अदा की जाती हैं:

28 सितंबर (पहला दिन): परचम कुशाई (झंडा फहराना)

उर्स की शुरुआत दरगाह परिसर में पूरे अकीदत (श्रद्धा) के साथ गाजे-बाजे और दुआओं के बीच मुख्य परचम (झंडा) फहराकर की जाती है। संदल चादर होगा और रात 10 बजे से ऑल इंडिया नातिया मुशायरा होगा। जिसमें मशहूर नातिया शायर अहमद असरार की कोरबा कमेटी करेंगे और इसमें हजरत मौलाना रज्जब अली मदारी शरीफ, जनाब हलचल सिवानी साहब, जैमल आबेदीन कानपुर, शाहबाज कमर कलकत्ता, मुबारक हुसैन मुबारक शास्ता कलकत्ता और मोहम्मद इलियास असरार की शिरकत करेंगे।

29 सितंबर (दूसरा दिन): शाही संदल और तकरीर

दिन में गुस्ल मजार पाक और शाही संदल होगा। रात 9 बजे बाबा सरकार की शान में अजीमुश्शान जलसा-तकरीर का आयोजन होगा। जिसमें सैय्यद राशिद मक्की मियां साहब किबला किछौछा शरीफ, अयोध्या उत्तर प्रदेश की तकरीर होगी।

30 सितंबर (तीसरा दिन): संदल चादर-कव्वाली

संदल चादर (अम्मी जान साहिबा) होगा। रात 10 बजे कव्वाली महफिले सिमाह में मुंबई (महाराष्ट्र) के रेडियो-टीवी सिंगर मझलवा अजीज नाजा की पेशकश होगी।

1 अक्टूबर (चौथा दिन): महफिले कव्वाली

रात 10 बजे रईस अनीस अंसारी साहब बिजनौरी (उत्तर प्रदेश) कव्वाली पेश करेंगे।

2 अक्टूबर (पांचवां दिन): कुल की फातिहा

11 बजे रईस अनीस साबरी साहब बिजनौरी (उत्तर प्रदेश) की मौजूदगी में रंग की महफिल होगी।

सैय्यद महमद असरार किबला किछौछा शरीफ (उत्तर प्रदेश) की सदारत में उर्स का समापन होगा।

विशेष नोट: उर्स के सभी दिनों में दोपहर से लेकर देर रात तक दरबारी शाही लंगर (भंडारा) लगातार चलता रहता है।

लुतरा शरीफ पहुंचने का मार्ग के बारे बताया कि

लुतरा शरीफ छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बिलासपुर-बलौदा मुख्य मार्ग पर स्थित है।

यहां परिवहन के तीनों माध्यमों से आसानी से पहुंच सकते हैं:

रेल मार्ग द्वारा – सबसे सुगम माध्यम

निकटतम बड़ा रेलवे स्टेशन: बिलासपुर जंक्शन (BSP) है, जो देश के सभी प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ा हुआ है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन से लुतरा शरीफ की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है। स्टेशन के बाहर से लुतरा शरीफ के लिए सीधी ऑटो, प्राइवेट कार या बिलासपुर-बलौदा रूट पर चलने वाली बसें आसानी से मिल जाएंगी।

सड़क मार्ग द्वारा

यदि आप बस या निजी वाहन से आ रहे हैं, तो बिलासपुर शहर पहुंचने के बाद आपको सीपत मार्ग पकड़ना होगा। बिलासपुर से सीपत होते हुए यह रास्ता बलौदा की तरफ जाता है, जहां रास्ते में ही मुख्य सड़क पर लुतरा गांव स्थित है। उर्स के दौरान बिलासपुर बस स्टैंड से लुतरा शरीफ के लिए प्रशासन द्वारा विशेष बसों और ऑटो की चौबीसों घंटे व्यवस्था की जाती है।

हवाई मार्ग द्वारा

निकटतम हवाई अड्डा: रायपुर का स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर है, जो देश के सभी प्रमुख शहरों से उड़ानों द्वारा जुड़ा है। रायपुर एयरपोर्ट से लुतरा शरीफ की दूरी लगभग 145 किलोमीटर है। जिसके लिए हवाई अड्डे से सीधे टैक्सी किराए पर ले सकते हैं या रायपुर से बिलासपुर तक ट्रेन/बस से आकर आगे का सफर तय कर सकते हैं।

आज रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस में सदर- हाजी

मो. इकबाल हक खजांची- जनाब फैजान अहमद शेख,नायब खजांची- जनाब जावेद ख्वानी (कोरबा),लंगर इंचार्ज- जनाब हाजी मो. कुद्दुस (बिलासपुर), और मेंबर्स- जनाब हाजी मो. नजीर अहमद (बलौदा), जनाब मो. सज्जाद सिद्दीकी (कोरबा), जनाब सैयद इंसान अली (बिलासपुर), जनाब शेख सिकंदर (बिलासपुर), जनाब मो. एजाज खान (लुतरा शरीफ), जनाब मुशर्रिफ खान (बिलासपुर), जनाब अब्दुल वहाब अंसारी (लुतरा शरीफ), जनाब हाजी अनवारुल हक (लुतरा शरीफ), जनाब हाजी अब्दुल करीम बेग (लुतरा शरीफ), जनाब अब्दुल अहमद खानजादा मेमन (लुतरा शरीफ), जनाब शेख अब्दुल गफ्फार (लुतरा शरीफ) मौजूद रहे।

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